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एक नन्हीं बच्ची
की दीवाली
 

मैं एक नन्हीं बच्ची हूं
तेज आवाज वाले,
पटाखों से डरती हूं.
फुलझडियां चलाती हूं.
पूजा के पहले
नयी फ्रॉक पहनती हूं.
और
जब कंदीलें जलती हैं
मेरी आंखों में चमकती हैं.
मां से कह कर
मां से छुपा कर
जमके मिठाई खाती हूं.

- अवनि कुलश्रेष्ठ
नवम्बर 11, 2001

दीपावली
अपनों के साथ मनाने में ही दीपावली की सार्थकता है - अनुपमा
अब के ऐसी दिवाली आये - आस्था
अलि प्रिय अब तक न आए - सुधा रानी
ओ चंचला लक्ष्मी - सुधा रानी
इस बार दीपावली कुछ अलग तरह मनाएं - मनीषा कुलश्रेष्ठ
एक दीपावली पापा के बिना - अंशु
एक नन्हीं बच्ची की दीपावली - अवनि कुलश्रेष्ठ
कर भला होगा भला - सुषमा मुनीन्द्र
गायें गीत बालदिवस के - कनुप्रिया कुलश्रेष्ठ
तुम्हारी बातें दीपक कतार सी - नीलम जैन
दिवाली का दिन - सुमन कुमार घेई
दिवाली का पर्व - राजेन्द्र कृष्ण
दिवाली दिवाली - संगीता गोयल
दिवाली स्तुति - सुमन कुमार घेई
दीपावली - राज जैन
दीपावली 2001 - राजेन्द्र कृष्ण
दीपावली और बालदिवस - अंशुल सिन्हा
पंचमहोत्सव का मुख्य पर्व - दीपावली - अचरज
यही तो है दीपावली - आयूषी श्रीवास्तव
लक्ष्मी पूजा - सुधा रानी
सुबह का भूला - मनीषा कुलश्रेष्ठ

 

गायें गीत
बालदिवस के

 



 

दीपों का त्यौहार दीवाली
खुशियों का त्यौहार दीवाली
रोशनी का त्यौहार दीवाली
मिठाई का त्यौहार दीवाली

किन्तु क्या प्रदूषण का है
यह त्यौहार?
क्या किसी ने सोचा है कि
पौधों का भी है यह त्यौहार?

क्यों न कम जलाएं पटाखे
और बढा दें कतार दीपकों की
अंधेरे सूने घरों को
क्यों न दे आएं उजाले

पटाखों के शोर को कम कर
गायें गीत बालदिवस के
गुंजा दे गलियां गलियां
अपनी मीठी कविताओं से

- कनुप्रिया कुलश्रेष्ठ
नवम्बर 11, 2001

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