मुखपृष्ठ  |  कहानीकविता | कार्टून कार्यशालाकैशोर्यचित्र-लेख |  दृष्टिकोणनृत्यनिबन्धदेस-परदेसपरिवार | फीचर | बच्चों की दुनियाभक्ति-काल धर्मरसोईलेखकव्यक्तित्वव्यंग्यविविधा |  संस्मरण | सृजन स्वास्थ्य | साहित्य कोष |

 

 Home | Boloji | Kabir | Writers | Contribute | Search | Fonts | FeedbackContact | Share this Page!

 Click & Connect : Prepaid International Calling Cards 

 



 

 

ऐसा बोर सैयां               
 

 

 

रंग फेका लाल गुलाबी
वो वेवलेन्थ की बात करने लगा
बुद्धु नादान सैयां
आइन्स्टीन को मात करने लगा
मैंैने छोड़ी पिचकारी
वो हवा के दबाव की बात करने लगा
खिला दी मैंने कुछ मिठाई
शुगर की चिन्ता दिनरात करने लगा
गिनी चुनी लकड़ियां
भाई लोगों ने इकठ्ठा की
जलती होली देख कर
पर्यावरण की बात करने लगा
समझाया असत्य पर
सत्य की होती विजय
होलिका जली प्रह्लाद बच गया
वो फायरप्रूफ कपड़ों की बात करने लगा
फिल्मी स्टार झूमे नाचे
दे गये होली का रंग
देखी मस्ती टी वी पर
टी वी के एन्टेना की बात करने लगा
गीत कवित्त भजन
होलीरस मे डुबा गये
हुल्लड़टोली की गाली सुन कर
भाषाव्याकरण की बात करने लगा
राधा किशन का होलीरास
मथुरा मे शुरू होने लगा
ऐसा बोर सैयां
वो द्वारका की खुदाई की बात करने लगा

हरिहर झा
 

Hindinest is a website for creative minds, who prefer to express their views to Hindi speaking masses of India.

             

 

मुखपृष्ठ  |  कहानी कविता | कार्टून कार्यशाला कैशोर्य चित्र-लेख |  दृष्टिकोण नृत्य निबन्ध देस-परदेस परिवार | बच्चों की दुनिया भक्ति-काल धर्म रसोई लेखक व्यक्तित्व व्यंग्य विविधा |  संस्मरण | सृजन साहित्य कोष |
प्रतिक्रिया पढ़ें! |                         प्रतिक्रिया लिखें!

HomeBoloji | Kabir | Writers | Contribute | Search | Fonts | FeedbackContact

(c) HindiNest.com 1999-2015 All Rights Reserved. A Boloji.com Website
Privacy Policy | Disclaimer
Contact : manishakuls@gmail.com