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बापू तेरे प्यार मे..... बापू तेरे प्यार में बहता था,संसार सत्य अंहिंसा और धर्म का लगा था ,अंबार लेकिन वो दिन लद गयें आज उनमें नेता बस गये। बापू मेरे दुखी मत होना, ये तो रीत पुरानी हैं किया भला जिसने उसने ही बुराई पाई है। मेरी सदा यह याद रखना अब ना होगा गाँधी , न नेहरू के दिन आयेंगें अब तो वे दिन आये है जब लालू ही पूजें जायेगें। दोष नही देता मैं बापू तुमको, ये तो आपकी भलमनसाहत थी तब भी भारत आपका था , आज भी आपकी अमानत हैं। बापू तेरे कदमों में बिछता था, संसार बुरा बोलना, बुरा देखना ,बुरा सुनना था सब बेकार । अब उसुल बदल चुके हैं, सब पश्चिम में ढल चुके हैं बापू मेरे दुखी मत होना , ये तो रीत पुरानी हैं पानी हुआ पुराना हैं सारी दुनिया शराब की दिवानी है।
संजय सेन सागर |
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