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सूखा 

गोयथे ने कहा था

जो व्यक्ति पिछले तीन हजार वर्ष के इतिहास को नहीं जानता

वह अंधकार में जीता है।

सत्ता के सिंहासन पर बैठे लोग

अपने देश-प्रदेश में घट रहे हालात नहीं जानते

उन्हें क्या कहा जाये?

जिन्हें पता नहीं है

राजधानी के बाहर भी है देश-प्रदेश

लोक का तन्त्र गाँवों में रहता है

जो भूख, बेकारी, गर्मी, सर्दी सहता है

जिनके घर में आज भी जिन्दा ममता है

प्यार वहां वासना का खेल नहीं

पूजा वहां स्वार्थ का मेल नहीं

चहरे ज्यादा साफ नहीं

लेकिन दिल पूरे साफ है

जो गिरगिट की तरह रंग बदलना नहीं जानते है

इसीलिए स्वार्थी उन्हें नहीं पहचानते हे।

 

सुरेन्द्र अग्निहोत्री
अप्रेल 29,2008

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