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आज राम की आँखें हैं उदास अजान
बाहु राम ने आज राम की आंखें हैं उदास राम
नहीं
राम!
तुम्हारे कांधे
पर सिर स्वार्थ
के राम
डॉ.मनसा पांडेय |
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