मुखपृष्ठ  |  कहानी कविता | कार्टून कार्यशाला कैशोर्य चित्र-लेख |  दृष्टिकोण नृत्य निबन्ध देस-परदेस परिवार | फीचर | बच्चों की दुनिया भक्ति-काल धर्म रसोई लेखक व्यक्तित्व व्यंग्य विविधा |  संस्मरण | साक्षात्कार | सृजन स्वास्थ्य | साहित्य कोष |

 

 Home | Boloji | Kabir | Writers | Contribute | Search | FeedbackContact | Share this Page!

 

बड़ा हुआ बच्चा

पढ़ा था कहीं मैंने 

किसी का लिखा हुआ कि

"शादी में मिलता है 

गोद में एक बच्चा 

एक बहुत बड़ा  बच्चा".

अक्षम हो जाते हैं जब 

उसे और पालने में 

उसके माता पिता,

तो सौंप देते हैं 

एक पत्नी रुपी जीव को. 

जिसे देख भाल कर ले आते हैं वे 

किसी दूसरे के घर से .

फिर वह पत्नी पालती है

उस बड़े हो गए बच्चे को.

झेलती है उसकी सारी नादानियां 

भूल कर खुद को .

लगा देती है सारा जीवन 

उसे संवारने में फिर से. 

खो देती है अपना अस्तित्व 

बचाने के लिए उस बड़े बच्चे का अहम्. 

खुद बन जाती है छोटी 

और होने देती है उसे बड़ा.

वो बड़ा बच्चा होता रहता है बड़ा 

और नकार देता है उसका योगदान 

क्योंकि वो तो छोटी है.फिर 

उसे कैसे बड़ा कर सकती थी वो भला.

शिखा वार्ष्णेय

7 दिसम्बर 2014

Hindinest is a website for creative minds, who prefer to express their views to Hindi speaking masses of India.

 

 

मुखपृष्ठ  |  कहानी कविता | कार्टून कार्यशाला कैशोर्य चित्र-लेख |  दृष्टिकोण नृत्य निबन्ध देस-परदेस परिवार | बच्चों की दुनियाभक्ति-काल डायरी | धर्म रसोई लेखक व्यक्तित्व व्यंग्य विविधा |  संस्मरण | साक्षात्कार | सृजन साहित्य कोष |
 

(c) HindiNest.com 1999-2021 All Rights Reserved.
Privacy Policy | Disclaimer
Contact : hindinest@gmail.com