डा. रति सक्सेना

कवि, आलोचक, अनुवादक और वेद शोधिका है । हिन्दी में चार ( माया महा ठगिनी, अजन्मी कविता की कोख से जन्मी कविता, और सपने देखता समुद्र, एक खिड़की आठ सलाखें ), अंग्रेजी में दो और मलयालम में एक ( अनूदित ) कविता संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं । इतालवी भाषा में भी एक कविता संग्रह और अथर्ववेद की प्रेम कविता का अनुवाद प्रकाशित हो चुका है। (हिन्दी में दो और कविता संग्रह तथा अंग्रेजी में एक कविता संग्रह शीघ्र प्रकाशित होने वाले हैं )वेदों को आधार बना कर लिखे गए लेख अपने विशेष दृष्टिकोण के कारण पठनीय रहें हैं । देश की करीब- करीब सभी भाषाओं में रति सक्सेना की कविताएँ अनूदित हुईं हैं । ईरान की Golestaneh नामक पत्रिका में रति सक्सेना की कविताओं और जीवन को लेकर एक विशेष अंक निकाला गया है। रति सक्सेना ने कविता और गद्य की 11 पुस्तकों का मलयालम से हिन्दी में अनुवाद भी किया है जिसके लिए उन्हें वर्ष 2000 में केन्द्र साहित्य अकादमी का अवार्ड मिला । मलयालम की कवयित्री बालामणियम्मा को केन्द्र में रख कर एक आलोचनात्मक पुस्तक लिखी ( बालामणियम्मा , काव्य कला और दर्शन ) रति सक्सेना का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है अथर्ववेद को आधार बना कर लिखी पुस्तक " ए सीड आफ माइण्ड‍ - ए फ्रेश अप्रोच टू अथर्ववेदिक स्टडी" जिसके लिए उन्हे " इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केन्द्र " फेलोशिप मिली । हाल में ही रति सक्सेना को विशिष्ट कवितोंत्सवों "PoesiaPresente" मोन्जा ( इटली )Monza ( Italy) में, Mediterranea Festival द्वारा रोम में और International House of Stavanger नोर्वे, Struga Poetry Evening - Mecidonia, ‘3rd höfleiner donauweiten poesiefestival 2010’ Vienna में भाग लेने के लिए आमन्त्रित किया गया था। आप www.kritya.in नामक द्विभाषी कविता की पत्रिका की संपादिका है जो पिछले पाँच वर्षों से चली आ रही है। कृत्या नामक संस्था द्वारा पिछले पाँच वर्षों से स्तरीय कवितोत्सव मनाए जा रहे हैं, जो अपने स्तरीय प्रदर्शन के कारण वैश्विक स्तर पर प्रसिद्ध हैं।

 www.kritya.org 
 

 

  svaad 
samaya 

rasta
 

tOrta ek gaaMva Aasa ka
kuMDlaI maaro baOzI s~I doh    
Komao  
ca@kr saa[ikla ka 
j,a$rI nahIM hO  
jaugalabandI 
Dayanaaosaorsa  
ibagaD,to irSto  
mauKaOTo AaidvaaisayaaoM ko  
vao tIna AaOrtoM  
saagar bana ga[- vah AaOrt   
saUrja kao saraptI laD,kI   
hu@ma Aaka ka  

English Writings