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साहित्य समाचार

नासिरा शर्मा को
अंतर्राष्ट्रीय इंदु शर्मा कथा सम्मान

कथा (यू के) के मुख्य सचिव एवं प्रतिष्ठित कथाकार श्री तेजेन्द्र शर्मा ने लंदन से सूचित किया है कि वर्ष 2008 के लिए अंतर्राष्ट्रीय इंदु शर्मा कथा सम्मान वरिष्ठ उपन्‍यासकार श्रीमती नासिरा शर्मा को सामयिक प्रकाशन से 2005 में प्रकाशित उपन्यास कुइयांजान पर देने का निर्णय लिया गया है। - आगे पढें 

'केदार सम्मान' - २००७ निर्णीत
र्ष २००७ का केदार सम्मान कवयित्री  सुश्री अनामिका को उनके काव्य-संग्रह 'खुरदरी हथेलियाँ ' के लिए प्रदान किए जाने का निर्णय किया गया है।
अनामिका की कविताएं ( खुरदरी हथेलियाँ )
चौका
रोज सुबह सूरज में
एक नया उचकुन लगाकर
एक नई धाह फेंककर
मैं रोटी बेलती हूँ जैसे पृथ्वी।
 - आगे पढें

एक औरत का पहला राजकीय प्रवास
वह होटल के कमरे में दाखिल हुई
अपने अकेलेपन से उसने
बड़ी गर्मजोशी से हाथ मिलाया।
- आगे पढें
कूड़ा बीनते बच्चे
उन्हें हमेशा जल्दी रहती है
उनके पेट में चूहे कूदते हैं
-आगे पढें

निबंध
हॉकी के नाम पर रोना क्यूं -अरविन्द सारस्वत
नारीवादी आन्दोलन पर एक नारीवादी का अर्न्तमंथन - शा
लिनी माथुर

दृष्टिकोण

किशन महाराज का नाम रहेगा
तबला सम्राट किशन महाराज के निधन से काशी ने अपना वो अनमोल हीरा खो दिया है जो सदियों में कभी कभार ही पैदा होता है। यह अलग बात है कि इतने बड़े कलाकार का सम्मान रखने के लिए प्रदेश सरकार ने उनके दाह संस्कार में अपने किसी नुमाइंदे को भेजना भी जरूरी नहीं समझा। आईएएनएस

चीयर लीडर्स का विरोध कहीं तालिबानी मानसिकता का परिचायक तो नहीं!  -प्रणय शर्मा

जैनेन्द्र कुमार सा दूसरा न हुआ  

आरक्षण, आखिर कहां तक -अरुण शौरी

इसलिए बिदा करना चाहते हैं, हिन्दी को हिन्दी के कुछ अख़बार - प्रभु जोशी

साहित्यकोष  
पुस्तक समीक्षा

सवालों के जंगल में अकेलेपन का
अवसाद 
-
नंद भारद्वाज'असन्तोष के दिन' विख्यात कथाकार राही मासूम रजा का उपन्यास

ने जन्म एक लक्ष्मी का - हरीश कुमार
गाँव:पुनर्यात्रा के झरोखे से - ओमा शर्मा
फीचर
आजादी के लिए बैले नृत् - अदिती सेशाद्री
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साइबरस्पेस मुफ्ती -शुरियाह नियाजी
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यूएसए: निराश गृहणियों के मित्- जियाना कैसर विमेन्स फीचर सर्विस
आदिवासी महिलाओं की आजीविका का साधन बना मछलीपालन - हेमा विजय विमेन्स फीचर सर्विस
भारत : पुरूषों की सौन्दर्य में बढती प्रवृति - गगनदीप कौर विमेन्स फीचर सर्विस
हथकरघा बुनकरों के बुरे दिन बीत गए

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मनोरंजन की दुनिया

कला वीथिका

निराला - प्रभु जोशी

कहानियां
संदेश -  सौमित्र सक्सेना
केल्विन ने चित्र बनाना अधूरा छोड़ दिया।  उसने पैड का मटमैला कागज़ फाड़ा और सामने खड़ी लड़की को पकड़ा दिया।  लड़की ने देखा। चित्र पूरा नहीं बना था।  उसकी ऑंखे, बाल, चेहरे की रुपरेखा बहुत महीन तरीके से स्पष्ट थी पर होंठ, नाक, और गर्दन का बहुत हिस्सा बाकी था। - आगे पढें 
हरिया काका -
दीप्ति गुप्ता
सब्जी, फलों और न जाने कितनी चीजों के छोटे-बड़े थैले पीठ पर लादे हरिया काका को दूर से आते देखकर विनीऔर पावसखुशी से उछलते उसके पास पहुँच गए। - आगे पढें 
शहादत -  
मानसा
पीला लडका -अनिल कुमार खण्डेलवाल
प्रश्नचिन्ह -
शैलेन्द्र सागर
पतझड़ इधर भी, उधर भी-राजेन्द्र राजन

व्यंग्य
विलासिता का दुख-अरविन्द सारस्वत

कविताएं

रिश्ते - अनुराग आर्य
खानाबदोश -अनुराग आर्

ग़ज़ल -शाशिष कुमार तिवारी
पीर
-सुरेन्द्र अग्निहोत्री
ढंग
  - सुरेन्द्र अग्निहोत्री
डर - सुरेन्द्र अग्निहोत्री
सूखा
- सुरेन्द्र अग्निहोत्री

लद्दू घो
ङे -हरीश पाण्डे
मां  -हरीश पाण्डे
देवता-हरीश पाण्डे
अधूरा मकान - हरीश पाण्डे
लौट आओ अश्व - डॉ0 रामनिवास 'मानव'
आस्था - नवल किशोर कुमार
रिश्तों पर दीवारें
- मनोहर लाल रत्नम्
गंगाजल -मनोहर लाल रत्नम्

पौराणिक गाथा
प्राक्कथन -अरविन्दसिंह आशिया
अन्तिम योद्वा  भाग- 10
दैत्यराज का मुखमण्डल विवर्ण हो चुका था। उसके नैत्रों में भय, आशंका एवं क्रोध के मिले जुले भाव थे। वह अत्यंत विचलित सा खड़ा था। तब  तक विष्णु भी सिंहासन से उठ चुके थे। उनके मुख पर गंभीरता एवं नेत्रों में अदम्य साहस झलक रहा था। - आगे पढें    

स्वास्थ्य