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साहित्य समाचार
नासिरा शर्मा को
'केदार सम्मान' - २००७ निर्णीत
र्ष
२००७ का केदार सम्मान कवयित्री सुश्री अनामिका को उनके काव्य-संग्रह 'खुरदरी
हथेलियाँ ' के लिए प्रदान किए जाने का निर्णय किया गया है।
अनामिका
की कविताएं (
खुरदरी हथेलियाँ
)
चौका
एक औरत का
पहला राजकीय प्रवास
निबंध -अरविन्द सारस्वत
दृष्टिकोण तबला
सम्राट किशन महाराज के निधन से काशी ने अपना वो अनमोल हीरा खो दिया है जो
सदियों में कभी कभार ही पैदा होता है। यह अलग बात है कि इतने बड़े कलाकार का
सम्मान रखने के लिए प्रदेश सरकार ने उनके दाह संस्कार में अपने किसी नुमाइंदे
को भेजना भी जरूरी नहीं समझा। आईएएनएस
साहित्यकोष
ने
जन्म एक
लक्ष्मी का -
हरीश कुमार
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कला वीथिका
निराला - प्रभु
जोशी
सक्सेना -अनिल
कुमार खण्डेलवाल
पतझड़
इधर भी,
उधर भी-राजेन्द्र
राजन
व्यंग्य
अनुराग आर्य
-सुरेन्द्र अग्निहोत्री
पौराणिक गाथा दैत्यराज का मुखमण्डल विवर्ण हो चुका था। उसके नैत्रों में भय, आशंका एवं क्रोध के मिले जुले भाव थे। वह अत्यंत विचलित सा खड़ा था। तब तक विष्णु भी सिंहासन से उठ चुके थे। उनके मुख पर गंभीरता एवं नेत्रों में अदम्य साहस झलक रहा था।
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