गीत तार - तार संबंध यहां तार - तार संबंध यहां रिश्ते सब अनुबंध यहां
कांटों में कुछ - कुछ खुश्बू फूलों में दुर्गन्ध यहां
सूखी नदियां रिश्तों की रीते हैं तटबन्ध यहां
लाशें लड़ती लाशों से हत्यारे निर्द्वन्द्व यहां
तुम जो चाहे सब कह लो हम ही हैं पाबन्द यहां
जीवन सब क्षणिकाएं हैं कैसे लिखूं निबंध यहां
तुम को याद नहीं तो `अणु' झूठे सभी प्रबन्ध यहां
उपेन्द्र `अणु' जुलाई 1 , 2006
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